कभी जीवन कभी मृत्यु। पर असली व पूर्ण मानव तो वह है जो हर स्थिति में सम है। कभी जीवन कभी मृत्यु। पर असली व पूर्ण मानव तो वह है जो हर स्थिति में सम है।
नैसर्गिक बीज एक नील गगन से पहला जब वसुन्धरा पर टपका, माटी की नमी से सिंचित हो वह ध्र नैसर्गिक बीज एक नील गगन से पहला जब वसुन्धरा पर टपका, माटी की नमी से सिंचित...
छोटी सी, नन्ही सी ,आई परी खुशियां ही खुशियां ,नजर आई नई दिन और रात ,बीती चुलबुली बात छोटी सी, नन्ही सी ,आई परी खुशियां ही खुशियां ,नजर आई नई दिन और रात ,बीती च...
नए सपने मेरे अंदर जन्म लेते हैं, कुछ नया करने की हिम्मत जाग जाती है ये जादू है इस मौस नए सपने मेरे अंदर जन्म लेते हैं, कुछ नया करने की हिम्मत जाग जाती है ये जाद...
बसंती राग रे ! बढ़ा अनुराग चढ़ गया ख़ुमार खिला पलाश दहका मन आह लगी वन में आह। बसंती राग रे ! बढ़ा अनुराग चढ़ गया ख़ुमार खिला पलाश दहका मन आह ...
सारी उदासियों को धता बताकर मैंने भी मन ही मन ठान लिया है, मुझे भी जिंदा रहना है इसी सारी उदासियों को धता बताकर मैंने भी मन ही मन ठान लिया है, मुझे भी जिंदा रह...